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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 183: भीष्मको अष्टवसुओंसे प्रस्वापनास्त्रकी प्राप्ति
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श्लोक 14
श्लोक
5.183.14
येन सर्वान् महावीर्यान् प्रशासिष्यसि कौरव।
न च राम: क्षयं गन्ता तेनास्त्रेण नराधिप॥ १४॥
अनुवाद
कुरुनन्दन! उसके प्रभाव से तुम समस्त पराक्रमी राजाओं पर शासन करोगे। राजन! उस अस्त्र से परशुराम का नाश नहीं होगा। 14॥
Kurunandan! With his influence you will rule over all the mighty kings. Rajan! Parashurama will not be destroyed by that weapon. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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