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mahabharat 5.182.9: हे भरतश्रेष्ठ! मुझे मारा गया जानकर परशुरामजी मेघ के समान गम्भीर वाणी से गर्जना करने लगे। उनका शरीर हर्ष से बार-बार रोमांचित होने लगा॥9॥   |   mahabharat अध्याय 5.182: भीष्म और परशुरामका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 182: भीष्म और परशुरामका युद्ध  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.182.9 
मत्वा तु निहतं रामस्ततो मां भरतर्षभ।
मेघवद् विननादोच्चैर्जहृषे च पुन: पुन:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! मुझे मारा गया जानकर परशुरामजी मेघ के समान गम्भीर वाणी से गर्जना करने लगे। उनका शरीर हर्ष से बार-बार रोमांचित होने लगा॥9॥
 
O best of the Bharatas! Knowing that I have been killed, Parshuramji started roaring in a deep voice like a cloud. His body started to thrill again and again with joy.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)