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mahabharat 5.182.3: उस समय मेरा प्रिय मित्र सारथि बाणों की वर्षा से पीड़ित होकर रथ के आसन से नीचे गिर पड़ा, जिससे मेरा हृदय दुःखी हो गया॥3॥   |   mahabharat अध्याय 5.182: भीष्म और परशुरामका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 182: भीष्म और परशुरामका युद्ध  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.182.3 
तत: सूतो मम सुहृच्छरवर्षेण ताडित:।
अपयातो रथोपस्थान्मनो मम विषादयन्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उस समय मेरा प्रिय मित्र सारथि बाणों की वर्षा से पीड़ित होकर रथ के आसन से नीचे गिर पड़ा, जिससे मेरा हृदय दुःखी हो गया॥3॥
 
At that time, my dear friend, the charioteer, fell down from the seat of the chariot, suffering from rain of arrows, making my heart sad. 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)