Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.182.14: राजा! मैं मानो साँस ले रहा था, आकाश में रुक गया था। तभी ब्राह्मणों ने मुझ पर जल की बूँदें छिड़कीं। फिर उन्होंने मुझे पकड़ लिया और कहा, "हे राजा! मुझे बचाओ।" | mahabharat अध्याय 5.182: भीष्म और परशुरामका युद्ध । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्वसन्निवान्तरिक्षे च जलबिन्दुभिरुक्षित:।
ततस्ते ब्राह्मणा राजन्नब्रुवन् परिगृह्य माम्॥ १४॥
अनुवाद
राजा! मैं मानो साँस ले रहा था, आकाश में रुक गया था। तभी ब्राह्मणों ने मुझ पर जल की बूँदें छिड़कीं। फिर उन्होंने मुझे पकड़ लिया और कहा, "हे राजा! मुझे बचाओ।"
King! I had stopped in the sky as if I was breathing. At that time the Brahmins sprinkled drops of water on me. Then they caught hold of me and said.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥