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mahabharat 5.182.13: उन ब्राह्मणों द्वारा रक्षित होने के कारण मुझे भूमि का स्पर्श नहीं करना पड़ा। मानो वे मेरे ही भाई हों, उन ब्राह्मणों ने मुझे आकाश में ही रोक लिया था॥13॥   |   mahabharat अध्याय 5.182: भीष्म और परशुरामका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 182: भीष्म और परशुरामका युद्ध  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.182.13 
रक्ष्यमाणश्च तैर्विप्रैर्नाहं भूमिमुपास्पृशम्।
अन्तरिक्षे धृतो ह्यस्मि तैर्विप्रैर्बान्धवैरिव॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उन ब्राह्मणों द्वारा रक्षित होने के कारण मुझे भूमि का स्पर्श नहीं करना पड़ा। मानो वे मेरे ही भाई हों, उन ब्राह्मणों ने मुझे आकाश में ही रोक लिया था॥13॥
 
Being protected by those brahmins, I did not have to touch the ground. As if they were my own brothers, those brahmins had stopped me in the sky.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)