Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.181.16: जिस प्रकार परशुरामजी मेरी घुड़सवार सेना से व्याकुल हो रहे थे, उसी प्रकार मैं भी उनके बाणों से अत्यन्त घायल हो रहा था। तत्पश्चात्, सायंकाल के समय जब सूर्य पश्चिम दिशा में चले गए, तब युद्ध बंद हो गया॥16॥ | mahabharat अध्याय 5.181: भीष्म और परशुरामका युद्ध । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार परशुरामजी मेरी घुड़सवार सेना से व्याकुल हो रहे थे, उसी प्रकार मैं भी उनके बाणों से अत्यन्त घायल हो रहा था। तत्पश्चात्, सायंकाल के समय जब सूर्य पश्चिम दिशा में चले गए, तब युद्ध बंद हो गया॥16॥
Just as Parshuram was troubled by my cavalry, I too was being severely wounded by their arrows. Thereafter, in the evening, when the Sun went to the west, the battle stopped.॥ 16॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि अम्बोपाख्यानपर्वणि एकाशीत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १८१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत अम्बोपाख्यानपर्वमें एक सौ इक्यासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १८१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥