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mahabharat 5.181.15: जब उनकी बाणों की वर्षा समाप्त हुई, तो मैंने भी गुरुदेव पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। मेरे बाणों से वह ब्रह्माजी घायल हो गए और उनके शरीर से रक्त की अधिकाधिक धारा बहने लगी।   |   mahabharat अध्याय 5.181: भीष्म और परशुरामका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 181: भीष्म और परशुरामका युद्ध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.181.15 
ततस्तस्मिन् बाणवर्षे व्यतीते
शरौघेण प्रत्यवर्षं गुरुं तम्।
स विक्षतो मार्गणैर्ब्रह्मराशि-
र्देहादसक्तं मुमुचे भूरि रक्तम्॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जब उनकी बाणों की वर्षा समाप्त हुई, तो मैंने भी गुरुदेव पर बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी। मेरे बाणों से वह ब्रह्माजी घायल हो गए और उनके शरीर से रक्त की अधिकाधिक धारा बहने लगी।
 
When his shower of arrows ended, I too started showering arrows on Gurudev in return. That great soul of Brahma was injured by my arrows and more and more blood started flowing from his body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)