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mahabharat 5.181.11: हे नरेन्द्र! मैंने युद्धस्थल में अपनी ढाल से उन प्रचण्ड शक्तियों को रोका और अपनी तलवार से उन्हें काट डाला। तत्पश्चात् मैंने परशुराम के दिव्य घोड़ों और सारथि पर दिव्य बाणों की वर्षा आरम्भ की।   |   mahabharat अध्याय 5.181: भीष्म और परशुरामका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 181: भीष्म और परशुरामका युद्ध  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.181.11 
ताश्चाप्युग्राश्चर्मणा वारयित्वा
खड्गेनाजौ पातयित्वा नरेन्द्र।
बाणैर्दिव्यैर्जामदग्न्यस्य संख्ये
दिव्यानश्वानभ्यवर्षं ससूतान्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे नरेन्द्र! मैंने युद्धस्थल में अपनी ढाल से उन प्रचण्ड शक्तियों को रोका और अपनी तलवार से उन्हें काट डाला। तत्पश्चात् मैंने परशुराम के दिव्य घोड़ों और सारथि पर दिव्य बाणों की वर्षा आरम्भ की।
 
O Narendra! I stopped those fierce forces with my shield and cut them down with my sword on the battlefield. After that, I started showering divine arrows on the divine horses and charioteer of Parshuram.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)