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mahabharat 5.18.7: ब्रह्मन्! इस अथर्ववेद में तुम अथर्वङ्गिरस नाम से प्रसिद्ध होगे और यज्ञ का भाग भी तुम्हें मिलेगा। इस विषय में मेरा यह कथन उदाहरण (प्रमाण) होगा।॥7॥   |   mahabharat अध्याय 5.18: इन्द्रका स्वर्गमें जाकर अपने राज्यका पालन करना, शल्यका युधिष्ठिरको आश्वासन देना और उनसे विदा लेकर दुर्योधनके यहाँ जाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 18: इन्द्रका स्वर्गमें जाकर अपने राज्यका पालन करना, शल्यका युधिष्ठिरको आश्वासन देना और उनसे विदा लेकर दुर्योधनके यहाँ जाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.18.7 
अथर्वाङ्गिरसो नाम वेदेऽस्मिन् वै भविष्यति।
उदाहरणमेतद्धि यज्ञभागं च लप्स्यसे॥ ७॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्मन्! इस अथर्ववेद में तुम अथर्वङ्गिरस नाम से प्रसिद्ध होगे और यज्ञ का भाग भी तुम्हें मिलेगा। इस विषय में मेरा यह कथन उदाहरण (प्रमाण) होगा।॥7॥
 
Brahman! You will be famous in this Atharvaveda by the name of Atharvangiras and you will also get the share of the sacrifice. This statement of mine will be an example (proof) in this matter.'॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)