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mahabharat 5.18.23: ‘चाचा! जब कर्ण अर्जुन के साथ युद्ध करेगा, तब आप ही कर्ण के सारथि होंगे, इसमें संशय नहीं है। उस समय आप अर्जुन की स्तुति करके कर्ण के तेज और उत्साह को नष्ट कर दीजिए (यह मेरी प्रार्थना है)’।   |   mahabharat अध्याय 5.18: इन्द्रका स्वर्गमें जाकर अपने राज्यका पालन करना, शल्यका युधिष्ठिरको आश्वासन देना और उनसे विदा लेकर दुर्योधनके यहाँ जाना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 18: इन्द्रका स्वर्गमें जाकर अपने राज्यका पालन करना, शल्यका युधिष्ठिरको आश्वासन देना और उनसे विदा लेकर दुर्योधनके यहाँ जाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  5.18.23 
भवान् कर्णस्य सारथ्यं करिष्यति न संशय:।
तत्र तेजोवध: कार्य: कर्णस्यार्जुनसंस्तव:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
‘चाचा! जब कर्ण अर्जुन के साथ युद्ध करेगा, तब आप ही कर्ण के सारथि होंगे, इसमें संशय नहीं है। उस समय आप अर्जुन की स्तुति करके कर्ण के तेज और उत्साह को नष्ट कर दीजिए (यह मेरी प्रार्थना है)’।
 
‘Uncle! When Karna will fight with Arjuna, you will be the charioteer of Karna, there is no doubt about it. At that time, you should destroy the brilliance and enthusiasm of Karna by praising Arjuna (this is my request)’.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)