Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.179.38-39: भरत! उसके बाद मैंने परशुराम पर फिर आक्रमण नहीं किया। इसी बीच सहस्त्र किरणों वाले भगवान सूर्यदेव दिन के अंत में इस पृथ्वी को तपाकर अस्त हो गए; अतः वह युद्ध रुक गया। | mahabharat अध्याय 5.179: संकल्पनिर्मित रथपर आरूढ़ परशुरामजीके साथ भीष्मका युद्ध प्रारम्भ करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरत! उसके बाद मैंने परशुराम पर फिर आक्रमण नहीं किया। इसी बीच सहस्त्र किरणों वाले भगवान सूर्यदेव दिन के अंत में इस पृथ्वी को तपाकर अस्त हो गए; अतः वह युद्ध रुक गया।
Bhaarat! After that I did not attack Parshuram again. Meanwhile the Lord Sun with thousand rays set after scorching this earth at the end of the day; hence that war stopped.
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि अम्बोपाख्यानपर्वणि रामभीष्मयुद्धे एकोनाशीत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १७९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत अम्बोपाख्यानपर्वमें परशुराम और भीष्मका युद्धविषयक एक सौ उन्यासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥