Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.179.11: जो उदय होते हुए सूर्य के समान तेजस्वी, अजेय, पराक्रमी और क्षत्रियों का संहार करने वाले परशुरामजी युद्ध के लिए अकेले खड़े थे, इसलिए मैं भी उनका सामना करने के लिए अकेला ही गया॥11॥ | mahabharat अध्याय 5.179: संकल्पनिर्मित रथपर आरूढ़ परशुरामजीके साथ भीष्मका युद्ध प्रारम्भ करना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो उदय होते हुए सूर्य के समान तेजस्वी, अजेय, पराक्रमी और क्षत्रियों का संहार करने वाले परशुरामजी युद्ध के लिए अकेले खड़े थे, इसलिए मैं भी उनका सामना करने के लिए अकेला ही गया॥11॥
Parasurama, who was as radiant as the rising Sun, invincible, mighty and the destroyer of the Kshatriyas, was standing alone for the battle. So I too went alone to face him.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥