श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना  »  श्लोक 90
 
 
श्लोक  5.178.90 
ततोऽहमब्रुवं देवीमभिवाद्य कृताञ्जलि:।
सर्वं तद् भरतश्रेष्ठ यथावृत्तं स्वयंवरे॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
फिर मैंने हाथ जोड़कर देवी गंगा को प्रणाम किया और स्वयंवर में घटित पूरी घटना उन्हें सुनाई।
 
Then I folded my hands and bowed down to Goddess Ganga and narrated to her the entire incident that had happened at the swayamvara.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)