किन्न वै क्षत्रियहणो हरतुल्यपराक्रम:।
विदित: पुत्र रामस्ते यतस्तं योद्धुमिच्छसि॥ ८९॥
अनुवाद
अन्त में उसने फिर कहा - 'बेटा! क्षत्रियों का संहार करने वाले परशुरामजी महादेवजी के समान पराक्रमी हैं। क्या तुम उन्हें नहीं जानते, जो उनसे युद्ध करना चाहते हो?'॥89॥
At last she said again, 'Son! The slayer of Kshatriyas, Parashurama, is as valiant as Mahadevji. Don't you know him, that you want to fight with him?'॥ 89॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥