ततो मामब्रवीद् देवी सर्वभूतहितैषिणी।
माता स्वरूपिणी राजन् किमिदं ते चिकीर्षितम्॥ ८६॥
अनुवाद
राजा ! उस समय समस्त प्राणियों का कल्याण करने वाली मेरी माता गंगादेवी देवी गंगा के रूप में प्रकट हुईं और बोलीं - 'बेटा ! तुम क्या करना चाहते हो ?॥ 86॥
King! At that time my mother Gangadevi, who wishes well for all beings, appeared in the form of Goddess Ganga and said - 'Son! What do you want to do?॥ 86॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥