Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.178.86: राजा ! उस समय समस्त प्राणियों का कल्याण करने वाली मेरी माता गंगादेवी देवी गंगा के रूप में प्रकट हुईं और बोलीं - 'बेटा ! तुम क्या करना चाहते हो ?॥ 86॥ | mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततो मामब्रवीद् देवी सर्वभूतहितैषिणी।
माता स्वरूपिणी राजन् किमिदं ते चिकीर्षितम्॥ ८६॥
अनुवाद
राजा ! उस समय समस्त प्राणियों का कल्याण करने वाली मेरी माता गंगादेवी देवी गंगा के रूप में प्रकट हुईं और बोलीं - 'बेटा ! तुम क्या करना चाहते हो ?॥ 86॥
King! At that time my mother Gangadevi, who wishes well for all beings, appeared in the form of Goddess Ganga and said - 'Son! What do you want to do?॥ 86॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥