श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना  »  श्लोक 70
 
 
श्लोक  5.178.70 
एहि गच्छ मया भीष्म युद्धकामुक दुर्मद।
गृहाण सर्वं कौरव्य रथादि भरतर्षभ॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
युद्ध की इच्छा रखने वाले मतवाले भीष्म! आओ, मेरे साथ आओ। भरतश्रेष्ठ कुरुनन्दन! रथ आदि समस्त सामग्री अपने साथ ले जाओ। 70॥
 
‘Drunken Bhishma, who desires war! Come, come with me. Bharatashreshtha Kurunandan! Take all the material like chariot etc. with you. 70॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)