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mahabharat 5.178.68: हे राजन! तुम दुःखी हो। आज तुम्हें मेरे द्वारा मारा हुआ देखकर सिद्धचरण सेविका गंगादेवी रोएँगी। 68।   |   mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना  »  श्लोक 68
 
 
श्लोक  5.178.68 
कृपणं त्वामभिप्रेक्ष्य सिद्धचारणसेविता।
मया विनिहतं देवी रोदतामद्य पार्थिव॥ ६८॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तुम दुःखी हो। आज तुम्हें मेरे द्वारा मारा हुआ देखकर सिद्धचरण सेविका गंगादेवी रोएँगी। 68।
 
‘O King! You are miserable. Today, seeing you killed by me, the Siddha-charan-servant Gangadevi will cry. 68.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)