Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.178.64: महाबाहो! तुम्हारी युद्ध की इच्छा और अभिमान को नष्ट करने वाले, शत्रु नगर को जीतने वाले ये भीष्म अब उत्पन्न हुए हैं। राम! मैं युद्ध में तुम्हारा सारा अभिमान चूर-चूर कर दूँगा, इसमें संशय नहीं है।॥64॥ | mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्ते युद्धमयं दर्पं कामं च व्यपनाशयेत्।
सोऽहं जातो महाबाहो भीष्म: परपुरंजय:।
व्यपनेष्यामि ते दर्पं युद्धे राम न संशय:॥ ६४॥
अनुवाद
महाबाहो! तुम्हारी युद्ध की इच्छा और अभिमान को नष्ट करने वाले, शत्रु नगर को जीतने वाले ये भीष्म अब उत्पन्न हुए हैं। राम! मैं युद्ध में तुम्हारा सारा अभिमान चूर-चूर कर दूँगा, इसमें संशय नहीं है।॥64॥
Mahabaho! The one who can destroy your desire for war and your pride, this Bhishma who will conquer the enemy city, has been born now. Ram! I will shatter all your pride in the war, there is no doubt about it.'॥ 64॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥