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mahabharat 5.178.61: हे ब्राह्मण कहलाने वाले वीर हृदय राम! तुम तुरंत कुरुक्षेत्र में आओ। मैं वहाँ आकर तुम्हारे प्राचीन अभिमान को नष्ट कर दूँगा।॥61॥   |   mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  5.178.61 
तत्र राम समागच्छ त्वरितं युद्धदुर्मद।
व्यपनेष्यामि ते दर्पं पौराणं ब्राह्मणब्रुव॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
हे ब्राह्मण कहलाने वाले वीर हृदय राम! तुम तुरंत कुरुक्षेत्र में आओ। मैं वहाँ आकर तुम्हारे प्राचीन अभिमान को नष्ट कर दूँगा।॥61॥
 
O warrior-hearted Ram who is called a Brahmin! You should immediately come to Kurukshetra. I will come there and destroy your ancient pride.'॥ 61॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)