श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  5.178.59 
स गच्छ विनिवर्तस्व कुरुक्षेत्रं रणप्रिय।
तत्रैष्यामि महाबाहो युद्धाय त्वां तपोधन॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
हे महारथी और तपस्वी, अब लौटकर कुरुक्षेत्र में आओ। मैं वहाँ युद्ध के लिए तुम्हारे पास आऊँगा॥ 59॥
 
O mighty warrior and ascetic, now return and come to Kurukshetra. I will come to you there for the battle.॥ 59॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)