Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.178.55: हे राम! अम्बा ग्रहण करने योग्य है या नहीं, यह तो संदिग्ध बात है। फिर भी आप उसे ग्रहण करके मेरे साथ न्याय नहीं कर रहे हैं; इसलिए मैं महायुद्धभूमि में आपके साथ युद्ध करूँगा। | mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यस्मात् संशयितेऽप्यर्थेऽयथान्यायं प्रवर्तसे।
तस्माद् योत्स्यामि सहितस्त्वया राम महाहवे॥ ५५॥
अनुवाद
हे राम! अम्बा ग्रहण करने योग्य है या नहीं, यह तो संदिग्ध बात है। फिर भी आप उसे ग्रहण करके मेरे साथ न्याय नहीं कर रहे हैं; इसलिए मैं महायुद्धभूमि में आपके साथ युद्ध करूँगा।
Rama! Whether Amba is worthy of being accepted or not is a doubtful matter. Yet you are not treating me fairly in accepting her; therefore, I will fight with you in the great battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥