Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.178.49: मैंने तुम्हें अपना गुरु जानकर प्रेमपूर्वक तुम्हारा बहुत आदर किया है; परंतु तुम गुरु के समान आचरण करना नहीं जानते; इसलिए मैं तुम्हारे साथ युद्ध करूँगा॥ 49॥ | mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स त्वं गुरुरिति प्रेम्णा मया सम्मानितो भृशम्।
गुरुवृत्तिं न जानीषे तस्माद् योत्स्यामि वै त्वया॥ ४९॥
अनुवाद
मैंने तुम्हें अपना गुरु जानकर प्रेमपूर्वक तुम्हारा बहुत आदर किया है; परंतु तुम गुरु के समान आचरण करना नहीं जानते; इसलिए मैं तुम्हारे साथ युद्ध करूँगा॥ 49॥
Knowing that you are my Guru, I have lovingly treated you with the maximum respect; but you do not know how to behave like a Guru; therefore, I will fight with you.॥ 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥