Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.178.21: तत्पश्चात रात्रिभर वहाँ रहकर प्रातःकाल संध्यावंदन, गायत्री जप और अग्निहोत्र करके वह तपस्वी ऋषि मुझे मारने की इच्छा से उस आश्रम से चले गए॥21॥ | mahabharat अध्याय 5.178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात रात्रिभर वहाँ रहकर प्रातःकाल संध्यावंदन, गायत्री जप और अग्निहोत्र करके वह तपस्वी ऋषि मुझे मारने की इच्छा से उस आश्रम से चले गए॥21॥
After that, after staying there the whole night, in the morning, after performing Sandhya worship, Gayatri chanting and Agnihotra, that ascetic sage left that ashram with the desire to kill me. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥