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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 178: अम्बा और परशुरामजीका संवाद, अकृतव्रणकी सलाह, परशुराम और भीष्मकी रोषपूर्ण बातचीत तथा उन दोनोंका युद्धके लिये कुरुक्षेत्रमें उतरना
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श्लोक 18
श्लोक
5.178.18
यदि भीष्मो रणश्लाघी न करिष्यति मे वच:।
हनिष्याम्येनमुद्रिक्तमिति मे निश्चिता मति:॥ १८॥
अनुवाद
यदि युद्ध की इच्छा रखने वाले भीष्म मेरी बात न मानें तो मैं उस अभिमानी को मार डालूँगा; यह मेरा दृढ़ निश्चय है ॥18॥
If Bhishma, who desires to fight, does not listen to me, I will kill that arrogant man; this is my firm decision. ॥18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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