श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 177: अकृतव्रण और परशुरामजीकी अम्बासे बातचीत  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  5.177.42 
तस्मात् कामं ममाद्येमं राम सम्पादयानघ।
जहि भीष्मं महाबाहो यथा वृत्रं पुरंदर:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
हे निष्पाप महाबाहु राम! आज आप मेरी यह अभिलाषा पूर्ण करें। जिस प्रकार इंद्र ने वृत्रासुर का वध किया था, उसी प्रकार आप भीष्म का भी वध करें।
 
Sinless Mahabahu Ram! Today you fulfill this desire of mine. Just like Indra killed Vritrasura, you also kill Bhishma in the same way.
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि अम्बोपाख्यानपर्वणि रामाम्बासंवादे सप्तसप्तत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १७७॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत अम्बोपाख्यानपर्वमें अम्बा-परशुराम-संवादविषयक एक सौ सतहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७७॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)