Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.177.23-24: जब परशुराम ने उस कन्या से आग्रह किया, 'बहुत अच्छा, कहो पुत्री', तो वह परशुराम के पास आई, जो धधकती हुई अग्नि के समान तेजस्वी थे, उनके शुभ चरणों पर अपना सिर झुकाया और उनके सामने खड़ी हो गई, तथा अपने कमल की पंखुड़ियों के समान सुन्दर हाथों से उन्हें स्पर्श किया। | mahabharat अध्याय 5.177: अकृतव्रण और परशुरामजीकी अम्बासे बातचीत । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब परशुराम ने उस कन्या से आग्रह किया, 'बहुत अच्छा, कहो पुत्री', तो वह परशुराम के पास आई, जो धधकती हुई अग्नि के समान तेजस्वी थे, उनके शुभ चरणों पर अपना सिर झुकाया और उनके सामने खड़ी हो गई, तथा अपने कमल की पंखुड़ियों के समान सुन्दर हाथों से उन्हें स्पर्श किया।
When Parasurama urged the girl, 'Very well, say it daughter', she came to Parasurama, who was as radiant as a blazing fire, bowed her head to his auspicious feet and stood before him, touching them with her hands, which were as beautiful as lotus petals.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥