Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.177.17: हे महाराज! उनके हृदय में विनम्रता का लेशमात्र भी नहीं था। उनके हाथों में धनुष, तलवार और कुल्हाड़ी थी। उनके हृदय से रजोगुण लुप्त हो चुका था। वे राजा संजय के पास आए। | mahabharat अध्याय 5.177: अकृतव्रण और परशुरामजीकी अम्बासे बातचीत । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे महाराज! उनके हृदय में विनम्रता का लेशमात्र भी नहीं था। उनके हाथों में धनुष, तलवार और कुल्हाड़ी थी। उनके हृदय से रजोगुण लुप्त हो चुका था। वे राजा संजय के पास आए।
O great king! There was no trace of humility in his heart. He held a bow, sword and axe in his hands. Rajoguna had vanished from his heart. He came near King Sanjaya.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥