श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 177: अकृतव्रण और परशुरामजीकी अम्बासे बातचीत  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  5.177.11 
तेन त्वं निर्जिता भद्रे यस्मान्नीतासि भाविनि।
संशय: शाल्वराजस्य तेन त्वयि सुमध्यमे॥ ११॥
 
 
अनुवाद
परंतु हे प्रिये! भीष्म ने तुम्हें जीतकर अपने साथ ले लिया है। भाविनी! सुमध्यमे! इसी कारण शाल्वराज के मन में तुम्हारे विषय में संदेह उत्पन्न हो गया है।॥11॥
 
But, dear! Bhishma conquered you and took you with him. Bhavini! Sumadhyame! This is the reason why doubts have arisen in the mind of Shalvaraj regarding you. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)