Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.176.59: प्रभु! द्विजश्रेष्ठ! अब भगवान परशुराम जो कुछ भी मुझसे कहेंगे, वही मेरे लिए उत्तम कर्तव्य होगा; ऐसा मैंने निश्चय किया है॥59॥ | mahabharat अध्याय 5.176: तापसोंके आश्रममें राजर्षि होत्रवाहन और अकृतव्रणका आगमन तथा उनसे अम्बाकी बातचीत । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रभु! द्विजश्रेष्ठ! अब भगवान परशुराम जो कुछ भी मुझसे कहेंगे, वही मेरे लिए उत्तम कर्तव्य होगा; ऐसा मैंने निश्चय किया है॥59॥
Lord! Dwijshreshtha! Now whatever Lord Parshuram tells me will be the best duty for me; This is what I have decided. 59॥
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि अम्बोपाख्यानपर्वणि होत्रवाहनाम्बासंवादे षट्सप्तत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १७६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत अम्बोपाख्यानपर्वमें अम्बा-होत्रवाहनसंवादविषयक एक सौ छिहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥