एवं गते तु किं शक्यं भद्रे कर्तुं मनीषिभि:।
पुनरूचुश्च तां सर्वे तापसा: संशितव्रता:॥ ४॥
अनुवाद
भद्रे! ऐसी स्थिति में बुद्धिमान तपस्वी क्या कर सकते हैं?’ ऐसा कहकर कठोर व्रत करने वाले सभी तपस्वी पुनः राजकुमारी से बोले-॥4॥
Bhadra! What can wise ascetics do in such a situation?' Having said so, all the ascetics who were observing strict fasts spoke to the princess again -॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥