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mahabharat 5.176.26: यदि भीष्म उसकी बात न मानें, तो वह युद्ध में उसका वध कर देगा। भार्गवों में श्रेष्ठ परशुराम प्रलयकाल की अग्नि के समान तेजस्वी हैं। तुम्हें उनकी शरण में जाना चाहिए॥ 26॥   |   mahabharat अध्याय 5.176: तापसोंके आश्रममें राजर्षि होत्रवाहन और अकृतव्रणका आगमन तथा उनसे अम्बाकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.176.26 
हनिष्यति रणे भीष्मं न करिष्यति चेद् वच:।
तं गच्छ भार्गवश्रेष्ठं कालाग्निसमतेजसम्॥ २६॥
 
 
अनुवाद
यदि भीष्म उसकी बात न मानें, तो वह युद्ध में उसका वध कर देगा। भार्गवों में श्रेष्ठ परशुराम प्रलयकाल की अग्नि के समान तेजस्वी हैं। तुम्हें उनकी शरण में जाना चाहिए॥ 26॥
 
If Bhishma does not listen to him, he will kill him in the war. The greatest of the Bhaargas, Parashurama, is as radiant as the fire of doomsday. You should seek his refuge.॥ 26॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)