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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 176: तापसोंके आश्रममें राजर्षि होत्रवाहन और अकृतव्रणका आगमन तथा उनसे अम्बाकी बातचीत
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श्लोक 18
श्लोक
5.176.18
अम्बायास्तां कथां श्रुत्वा काशिराज्ञश्च भारत।
राजर्षि: स महातेजा बभूवोद्विग्नमानस:॥ १८॥
अनुवाद
भरत! अम्बा और काशीराज के बीच हुई इस वार्ता को सुनकर महाबली राजा होत्रवाहन व्याकुल हो गए।
Bharata! On hearing this discussion between Amba and the King of Kashi, the mighty king Hotravahan became agitated. 18.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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