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mahabharat 5.175.6: भद्रे! तुम्हें भीष्म के पास लौट जाना चाहिए। भीष्म ने तुम्हें बलपूर्वक पकड़ लिया था, इसलिए अब मैं तुम्हें अपनी पत्नी नहीं बनाना चाहता॥6॥   |   mahabharat अध्याय 5.175: अम्बाका शाल्वके यहाँ जाना और उससे परित्यक्त होकर तापसोंके आश्रममें आना, वहाँ शैखावत्य और अम्बाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 175: अम्बाका शाल्वके यहाँ जाना और उससे परित्यक्त होकर तापसोंके आश्रममें आना, वहाँ शैखावत्य और अम्बाका संवाद  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  5.175.6 
गच्छ भद्रे पुनस्तत्र सकाशं भीष्मकस्य वै।
नाहमिच्छामि भीष्मेण गृहीतां त्वां प्रसह्य वै॥ ६॥
 
 
अनुवाद
भद्रे! तुम्हें भीष्म के पास लौट जाना चाहिए। भीष्म ने तुम्हें बलपूर्वक पकड़ लिया था, इसलिए अब मैं तुम्हें अपनी पत्नी नहीं बनाना चाहता॥6॥
 
Bhaadre! You should go back to Bhishma. Bhishma had captured you forcefully, so now I do not want to make you my wife.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)