सा भीष्मे प्रतिकर्तव्यमहं पश्यामि साम्प्रतम्।
तपसा वा युधा वापि दु:खहेतु: स मे मत:॥ ३४॥
अनुवाद
अतः इस समय मुझे यही उचित प्रतीत होता है कि मैं भीष्म से या तो तपस्या द्वारा या युद्ध द्वारा बदला लूं; क्योंकि वे ही मेरे दुःख के मूल कारण हैं॥34॥
‘Therefore, at this time it seems appropriate to me to take revenge on Bhishma either through penance or war; because he is the main cause of my suffering.॥ 34॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥