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mahabharat 5.175.15: हे मनुष्यों के स्वामी! मेरी दो बहनें अम्बिका और अम्बालिका, जिन्हें भीष्म ने हरण कर लिया था, उनके छोटे भाई विचित्रवीर्य से विवाह कर दी गयी हैं।   |   mahabharat अध्याय 5.175: अम्बाका शाल्वके यहाँ जाना और उससे परित्यक्त होकर तापसोंके आश्रममें आना, वहाँ शैखावत्य और अम्बाका संवाद   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 175: अम्बाका शाल्वके यहाँ जाना और उससे परित्यक्त होकर तापसोंके आश्रममें आना, वहाँ शैखावत्य और अम्बाका संवाद  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  5.175.15 
भगिन्यौ मम ये नीते अम्बिकाम्बालिके नृप।
प्रादाद् विचित्रवीर्याय गाङ्गेयो हि यवीयसे॥ १५॥
 
 
अनुवाद
हे मनुष्यों के स्वामी! मेरी दो बहनें अम्बिका और अम्बालिका, जिन्हें भीष्म ने हरण कर लिया था, उनके छोटे भाई विचित्रवीर्य से विवाह कर दी गयी हैं।
 
O Lord of men! My two sisters, Ambika and Ambalika, whom Bhishma had abducted, have been given in marriage to his younger brother Vichitravirya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)