भजस्व मां शाल्वपते भक्तां बालामनागसम्।
भक्तानां हि परित्यागो न धर्मेषु प्रशस्यते॥ १२॥
अनुवाद
शाल्वराज! मैं एक अबोध एवं अबला स्त्री हूँ। मैं आपसे प्रेम करती हूँ। कृपया मुझे स्वीकार करें; क्योंकि किसी भी धर्म में भक्तों का परित्याग करना अच्छा नहीं माना जाता है॥12॥
‘Shalvaraj! I am an innocent and helpless woman. I am in love with you. Please accept me; because abandoning devotees is not considered good in any religion.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥