श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 174: अम्बाका शाल्वराजके प्रति अपना अनुराग प्रकट करके उनके पास जानेके लिये भीष्मसे आज्ञा माँगना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.174.9 
स मां प्रतीक्षते व्यक्तं शाल्वराजो विशाम्पते।
तस्मान्मां त्वं कुरुश्रेष्ठ समनुज्ञातुमर्हसि॥ ९॥
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! शाल्वराज अवश्य ही मेरी प्रतीक्षा कर रहे होंगे; अतः कुरुश्रेष्ठ! आप मुझे उनकी सेवा में जाने की अनुमति दें॥9॥
 
Prajanath! Shalvaraj must surely be waiting for me; Hence Kurushrestha! You should allow me to go to his service. 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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