श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 174: अम्बाका शाल्वराजके प्रति अपना अनुराग प्रकट करके उनके पास जानेके लिये भीष्मसे आज्ञा माँगना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.174.8 
एतद् बुद्धॺा विनिश्चित्य मनसा भरतर्षभ।
यत् क्षमं ते महाबाहो तदिहारब्धुमर्हसि॥ ८॥
 
 
अनुवाद
हे महाबाहु भरतश्रेष्ठ! बुद्धि और मन से विचार करके जो उचित समझो, वही करो॥8॥
 
Mighty-armed Bharatshrestha! You should do whatever you feel is right after thinking about it with your intellect and mind. 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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