श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 173: अम्बोपाख्यानका आरम्भ—भीष्मजीके द्वारा काशिराजकी कन्याओंका अपहरण  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.173.19 
तानहं शरवर्षेण समन्तात् पर्यवारयम्।
सर्वान् नृपांश्चाप्यजयं देवराडिव दानवान्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
तब मैंने भी उन पर अपने बाणों की वर्षा करके उनकी गति को सब ओर से रोक दिया और जिस प्रकार देवताओं के राजा इन्द्र दैत्यों पर विजय प्राप्त करते हैं, उसी प्रकार मैंने भी उन समस्त राजाओं पर विजय प्राप्त कर ली।
 
Then I too showered my arrows on them and stopped their progress from all sides. And just as the king of gods Indra conquers the demons, in the same way I too conquered all those kings.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)