Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.173.17: वे राजा हाथी जैसे रथों, हाथियों और सुगठित घोड़ों पर सवार होकर, अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर मुझ पर आक्रमण करने लगे। उनमें से अनेक राजा हाथियों पर सवार होकर युद्ध करने वाले थे। | mahabharat अध्याय 5.173: अम्बोपाख्यानका आरम्भ—भीष्मजीके द्वारा काशिराजकी कन्याओंका अपहरण । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते रथैर्गजसंकाशैर्गजैश्च गजयोधिन:।
पुष्टैश्चाश्वैर्महीपाला: समुत्पेतुरुदायुधा:॥ १७॥
अनुवाद
वे राजा हाथी जैसे रथों, हाथियों और सुगठित घोड़ों पर सवार होकर, अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित होकर मुझ पर आक्रमण करने लगे। उनमें से अनेक राजा हाथियों पर सवार होकर युद्ध करने वाले थे।
Those kings mounted on elephant-like chariots, elephants and well-built horses and armed with weapons began to attack me. Many of them were going to fight on elephants.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥