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mahabharat 5.173.13: हे भरतश्रेष्ठ! तत्पश्चात् मैंने युद्ध के लिए तैयार खड़े समस्त राजाओं को ललकारा और उन तीनों कन्याओं को अपने रथ पर बैठाया।   |   mahabharat अध्याय 5.173: अम्बोपाख्यानका आरम्भ—भीष्मजीके द्वारा काशिराजकी कन्याओंका अपहरण   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.173.13 
ततोऽहं तान् नृपान् सर्वानाहूय समरे स्थितान्।
रथमारोपयांचक्रे कन्यास्ता भरतर्षभ॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! तत्पश्चात् मैंने युद्ध के लिए तैयार खड़े समस्त राजाओं को ललकारा और उन तीनों कन्याओं को अपने रथ पर बैठाया।
 
O best of the Bharatas! Thereafter I challenged all those kings who were standing ready for the battle and made those three girls sit on my chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)