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mahabharat 5.172.6: महाराज! भीमसेन और हिडिम्बा का पुत्र राक्षसराज घटोत्कच बड़ा मायावी है। मेरे विचार से वह रथियों का सेनापति भी है। 6॥   |   mahabharat अध्याय 5.172: भीष्मका पाण्डवपक्षके अतिरथी वीरोंका वर्णन करते हुए शिखण्डी और पाण्डवोंका वध न करनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.172.6 
भैमसेनिर्महाराज हैडिम्बो राक्षसेश्वर:।
मतो मे बहुमायावी रथयूथपयूथप:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
महाराज! भीमसेन और हिडिम्बा का पुत्र राक्षसराज घटोत्कच बड़ा मायावी है। मेरे विचार से वह रथियों का सेनापति भी है। 6॥
 
Maharaj! The demon king Ghatotkacha, son of Bhimsen and Hidimba, is very elusive. In my opinion, he is also the commander of charioteers. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)