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mahabharat 5.172.4: जैसे इन्द्र दैत्यों के साथ वीरतापूर्वक युद्ध करते हैं, वैसे ही वे भी शत्रुओं के साथ युद्ध करेंगे। उनके साथ आए हुए सभी सैनिक युद्धकला में निपुण और प्रसिद्ध योद्धा हैं॥4॥   |   mahabharat अध्याय 5.172: भीष्मका पाण्डवपक्षके अतिरथी वीरोंका वर्णन करते हुए शिखण्डी और पाण्डवोंका वध न करनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 172: भीष्मका पाण्डवपक्षके अतिरथी वीरोंका वर्णन करते हुए शिखण्डी और पाण्डवोंका वध न करनेका कथन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  5.172.4 
स योत्स्यति हि विक्रम्य मघवानिव दानवै:।
योधा ये चास्य विख्याता: सर्वे युद्धविशारदा:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
जैसे इन्द्र दैत्यों के साथ वीरतापूर्वक युद्ध करते हैं, वैसे ही वे भी शत्रुओं के साथ युद्ध करेंगे। उनके साथ आए हुए सभी सैनिक युद्धकला में निपुण और प्रसिद्ध योद्धा हैं॥4॥
 
Just as Indra fights valiantly with the demons, he too will fight with the enemies in the same manner. The soldiers who have come with him are all adept in the art of war and are renowned warriors.॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)