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mahabharat 5.172.2: कुन्तिभोजकुमार राजा पुरुजित, जो भीमसेन के मामा हैं, वे भी महान धनुर्धर और अत्यन्त बलवान हैं। मैं उन्हें भी अतिरिक्त मानता हूँ। 2॥   |   mahabharat अध्याय 5.172: भीष्मका पाण्डवपक्षके अतिरथी वीरोंका वर्णन करते हुए शिखण्डी और पाण्डवोंका वध न करनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.172.2 
पुरुजित् कुन्तिभोजश्च महेष्वासो महाबल:।
मातुलो भीमसेनस्य स च मेऽतिरथो मत:॥ २॥
 
 
अनुवाद
कुन्तिभोजकुमार राजा पुरुजित, जो भीमसेन के मामा हैं, वे भी महान धनुर्धर और अत्यन्त बलवान हैं। मैं उन्हें भी अतिरिक्त मानता हूँ। 2॥
 
Kuntibhojakumar King Purujit, who is the maternal uncle of Bhimsen, is also a great archer and very strong. I also consider them extra. 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)