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mahabharat 5.172.12: वासुदेवनन्दन श्रीकृष्ण और अर्जुन रथियों में श्रेष्ठ हैं। वे क्रमशः सुदर्शन चक्र और गाण्डीव धनुष धारण करते हैं। जब वे संध्या के समय सूर्य और चन्द्रमा की भाँति एक साथ आकर युद्ध में उपस्थित होंगे, तब मैं उनका सामना करूँगा।॥12॥   |   mahabharat अध्याय 5.172: भीष्मका पाण्डवपक्षके अतिरथी वीरोंका वर्णन करते हुए शिखण्डी और पाण्डवोंका वध न करनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.172.12 
वासुदेवं च पार्थं च चक्रगाण्डीवधारिणौ।
संध्यागताविवार्केन्दू समेष्येते रथोत्तमौ॥ १२॥
 
 
अनुवाद
वासुदेवनन्दन श्रीकृष्ण और अर्जुन रथियों में श्रेष्ठ हैं। वे क्रमशः सुदर्शन चक्र और गाण्डीव धनुष धारण करते हैं। जब वे संध्या के समय सूर्य और चन्द्रमा की भाँति एक साथ आकर युद्ध में उपस्थित होंगे, तब मैं उनका सामना करूँगा।॥12॥
 
Vasudevanandana Sri Krishna and Arjuna are the best among charioteers. They carry the Sudarshana Chakra and the Gandiva bow respectively. When they will come together like the Sun and Moon in the evening and come to the battle, then I will face them.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)