Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.172.10: नरेश्वर! ये उपर्युक्त वीर युधिष्ठिर की भयंकर सेना का नेतृत्व करेंगे, जिसकी रक्षा इन्द्र के समान उज्ज्वल मुकुटधारी वीर अर्जुन करेंगे।   |   mahabharat अध्याय 5.172: भीष्मका पाण्डवपक्षके अतिरथी वीरोंका वर्णन करते हुए शिखण्डी और पाण्डवोंका वध न करनेका कथन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 172: भीष्मका पाण्डवपक्षके अतिरथी वीरोंका वर्णन करते हुए शिखण्डी और पाण्डवोंका वध न करनेका कथन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.172.10 
नेष्यन्ति समरे सेनां भीमां यौधिष्ठिरीं नृप।
महेन्द्रेणेव वीरेण पाल्यमानां किरीटिना॥ १०॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! ये उपर्युक्त वीर युधिष्ठिर की भयंकर सेना का नेतृत्व करेंगे, जिसकी रक्षा इन्द्र के समान उज्ज्वल मुकुटधारी वीर अर्जुन करेंगे।
 
Nareshwar! These above mentioned heroes will lead the fierce army of Yudhishthira, protected by the brave Arjuna, who has a crown as bright as that of Lord Indra.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)