श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 172: भीष्मका पाण्डवपक्षके अतिरथी वीरोंका वर्णन करते हुए शिखण्डी और पाण्डवोंका वध न करनेका कथन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.172.1 
भीष्म उवाच
रोचमानो महाराज पाण्डवानां महारथ:।
योत्स्यतेऽमरवत् संख्ये परसैन्येषु भारत॥ १॥
 
 
अनुवाद
भीष्मजी कहते हैं- महाराज! भरत! पाण्डव पक्ष में राजा रोचमान महान योद्धा हैं। वे युद्ध में देवताओं के समान पराक्रम दिखाते हुए शत्रु सेना से युद्ध करेंगे॥ 1॥
 
Bhishmaji says- Maharaj! Bharat! King Rochman is a great warrior in the Pandava side. He will fight the enemy army in the war showing valor like that of the gods.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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