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mahabharat 5.171.27: हे कौरवश्रेष्ठ! राजा श्रीनिमान और वसुदान- ये दोनों ही बड़े वीर योद्धा माने जाते हैं। ये शत्रुओं के नगर को जीतने में समर्थ हैं॥ 27॥   |   mahabharat अध्याय 5.171: पाण्डवपक्षके रथी, महारथी एवं अतिरथी आदिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 171: पाण्डवपक्षके रथी, महारथी एवं अतिरथी आदिका वर्णन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  5.171.27 
श्रेणिमान् कौरवश्रेष्ठ वसुदानश्च पार्थिव:।
उभावेतावतिरथौ मतौ परपुरंजयौ॥ २७॥
 
 
अनुवाद
हे कौरवश्रेष्ठ! राजा श्रीनिमान और वसुदान- ये दोनों ही बड़े वीर योद्धा माने जाते हैं। ये शत्रुओं के नगर को जीतने में समर्थ हैं॥ 27॥
 
O best of the Kauravas! King Shreniman and Vasudana- both of them are considered to be very brave warriors. They are capable of conquering the city of the enemies.॥ 27॥
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि रथातिरथसंख्यानपर्वणि एकसप्तत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १७१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत रथातिरथसंख्यानपर्वमें एक सौ इकहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७१॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)