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mahabharat 5.171.15-16: सुकुमार, काशिक, नील, सूर्यदत्त, शंख और मदिराश्व नाम के ये सभी योद्धा उदार रथी हैं। युद्ध उनके पराक्रम का प्रतीक है। मैं इन सभी को सभी अस्त्र-शस्त्रों में निपुण और महाबुद्धिमान मानता हूँ॥ 15-16॥   |   mahabharat अध्याय 5.171: पाण्डवपक्षके रथी, महारथी एवं अतिरथी आदिका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 171: पाण्डवपक्षके रथी, महारथी एवं अतिरथी आदिका वर्णन  »  श्लोक 15-16
 
 
श्लोक  5.171.15-16 
काशिक: सुकुमारश्च नीलो यश्चापरो नृप।
सूर्यदत्तश्च शङ्खश्च मदिराश्वश्च नामत:॥ १५॥
सर्व एव रथोदारा: सर्वे चाहवलक्षणा:।
सर्वास्त्रविदुष: सर्वे महात्मानो मता मम॥ १६॥
 
 
अनुवाद
सुकुमार, काशिक, नील, सूर्यदत्त, शंख और मदिराश्व नाम के ये सभी योद्धा उदार रथी हैं। युद्ध उनके पराक्रम का प्रतीक है। मैं इन सभी को सभी अस्त्र-शस्त्रों में निपुण और महाबुद्धिमान मानता हूँ॥ 15-16॥
 
All these warriors named Sukumar, Kashik, Neel, Suryadatta, Shankh and Madirashwa are generous charioteers. War is the symbol of their bravery. I consider all of them to be experts in all weapons and great minded.॥ 15-16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)