Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.170.2-3: महाबली अभिमन्यु रथियों का सेनापति भी है। वह युद्धभूमि में अर्जुन और श्रीकृष्ण के समान वीर है। उसने शस्त्रविद्या की विधिवत शिक्षा प्राप्त की है। वह युद्ध की विचित्र कलाओं का ज्ञाता है, व्रतों का दृढ़ पालन करने वाला तथा दृढ़चित्त है। वह अपने पिता के कष्टों का स्मरण करके अवश्य ही वीरता दिखाएगा। 2-3॥ | mahabharat अध्याय 5.170: पाण्डवपक्षके रथियों और महारथियोंका वर्णन तथा विराट और द्रुपदकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अभिमन्युर्महाबाहू रथयूथपयूथप:।
सम: पार्थेन समरे वासुदेवेन चारिहा॥ २॥
लब्धास्त्रश्चित्रयोधी च मनस्वी च दृढव्रत:।
संस्मरन् वै परिक्लेशं स्वपितुर्विक्रमिष्यति॥ ३॥
अनुवाद
महाबली अभिमन्यु रथियों का सेनापति भी है। वह युद्धभूमि में अर्जुन और श्रीकृष्ण के समान वीर है। उसने शस्त्रविद्या की विधिवत शिक्षा प्राप्त की है। वह युद्ध की विचित्र कलाओं का ज्ञाता है, व्रतों का दृढ़ पालन करने वाला तथा दृढ़चित्त है। वह अपने पिता के कष्टों का स्मरण करके अवश्य ही वीरता दिखाएगा। 2-3॥
The mighty Abhimanyu is also the commander of charioteers. He is as brave as Arjuna and Shri Krishna in the battlefield. He has received formal education in weaponry. He knows the strange arts of war and is a firm observer of fasts and of a strong mind. He will definitely show bravery by remembering his father's troubles. 2-3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥